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Sunday, 14 December 2014

lal-kitab-page-no-681

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राहु खाना नंबर 11
(पिता को गोली मारे या मुंह न देखे, प्लेग या ग्रह चाली गोली से मार देवे)
बढ़े नाम बदनाम-जब सीना ज़ोरी
कसम खा के बेचेंगे सब माल चोरी

जन्म दुनिया बेटा होते, बाप वहाँ रहता नहीं
राहु टेवे चमक(१) देते, बृहस्पत(२) वां होता नही
बृहस्पत भागा पापी भागे, भागता संसार है
शनि बैठा पांच तीजे, योगी अलंकार है
एक तीजे पापी बैठे, राहु बढ़ता आप से
धन न मांगे माँ से अपनी, न ही लेगा बाप से
उम्र पिता सुख सागर उसका, न ही दौलत धन मिलता हो
औलाद केतु दरवेश हो मंदा, वक्त गुरु(३) तक उम्दा हो
धर्म मंदिर और दान हमेशां, चलती हवा या पानी हो
बंद पड़ा धन व दौलत सड़ता, ज़जिया-मरीज प्राणी हो
१) खाना नंबर 3 के ग्रह का असर होगा | मुफस्सिल पक्का घर 5 (बिजली पड़नी) देखें

२) मर्द के टेवे में अगर बृहस्पत से मुराद बाप-दादा हो तो औरत के टेवे में उसका ससुर होगा, जिसका मतलब भी वही है कि औरत का ससुर दरअसल टेवे वाले का बाप ही हुआ करता है

३) बृहस्पत की उम्र (16 साला) या बाप की जिंदगी तक

Saturday, 13 December 2014

lal-kitab-page-no-641

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राहु
(रहनुमाए गरीबां)
मुबारक यही तू जो आंसू बहाता
हुई मौत बीवी ख़्वाह दुश्मन की माता
फ़लक ढांचा बहरे दुनिया, दोनों नीला हो गया
मदद(१) पर जब राहु आया, दुनिया सिर सब झुक गया
मालिक बदी का पाप एजेंसी, मौत(२) बहाने गढ़ता हो
लिखत शनि को ख़्वाब में पढ़ता, लिखा हुआ बद मंगल हो
साथ शनि ख़ुद सांप का मनका,(३), असर मगर खुद अपना हो
बाद बैठा ले हुक्म शनि का, पहले बैठा ख़ुद हाकिम हो
शनि दृष्टि राहु पर करता, लोहा-तांबा रवि बनता हो
राहु मगर हो उल्ट जो चलता, हसद तबाही करता हो
शनि बैठे को राहु देखे, राहु मंदा ख़ुद होता हो
मदद मगर न शनि को देवे, जंग लोहे को खाता हो
१) मंदे राहु के वक्त दख्खन (दक्षिण) के दरवाजे का साथ न सिर्फ माली नुकसान देगा बल्कि उस का ताकतवर हाथी भी च्यूंटी से मर जायेगा | जब तक खाना नंबर 4 या खुद चन्द्र उम्दा राहु कभी मंदा न होगा, चांदी का उपाय मददगार होगा (२) मंगल खाना नंबर 12 या खाना नंबर 3, सूरज बुध खाना नंबर 3 या राहु ख़ुद खाना नंबर 4 के वक्त राहु मंदा असर न देगा | (३) सांप की मणि जो उस के सिर में होती है जिसे सांप अपनी जान से भी ज्यादा अज़ीज़ रखता है